वो भी एक दोर था,यह भी एक दोर है।

वो भी एक दोर था,यह भी एक दोर है।

वो बक्त कोई होर था,यह बक्त कोई होर है।

तब प्यार था ,खुशहाली थी चाहुँ होर हरयाली थी।।

आज दौड-धूप है,लुट है,चाहुँ और शौर है।

वो बक्त कोई होर था यह बक्त कोई हौर है।

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तब प्यार था,मोहब्बत थी,चाहत थी दिल

में इत्मनान था।

आज नफरत है,रुस्वाई है,कशमकश है दिल भी बेईमान है।

तब रिस्तों में कशिश थी,शुद्दता भी भरपूर थी।

आज रिस्तों में कडवाहट है,रिस्ते भी कमजोर है।

वो भी एक दौर था,यह भी एक दौर है।।

वो बक्त कुछ होर था ,यह बक्त कुछ होर है।

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वो दौडना,कसरतें करना,रूखी-सुखी खाना,गहरी नींद का आना।

कोसों मील पैदल चलना,तब नहीं था परिबहन का चलन।

आज सुख सम्पत्ति भरपूर है,मगर नींद नहीं नशे में चूर है।

अब दौलत बेशुमार हाथ में,दिल में छुपा चोर है।

वो भी एक दौर था,यह भी एक दौर है।

वो बक्त होर था आज बक्त कुछ होर है।

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एक पैसा,दो पैसे,तीन पैसे,आना,दो आने हुआ करते थे तब।

एक पैसे से भरपेट खाना,दो पैसे से सुख खरीद लाते थे

वो सुख चैन ,मनोरंजन हजारों में भी नहीं ला पाते अब।

तब पुश्तैनी हुआ करते थे घर,आज किराए में हैं रहते नहीं कोई ठौर है।

वो भी एक दौर था यह भी एक दौर है।

वो बक्त कुछ होर था यह बात कुछ होर है।

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तब गरीबी भी थी,भुखमरी भी थी,दौलत का बहुत भाव था।

पर शुद्दता से जवानी थी,मस्ती थी ,न कोई बिमार,चेहरे पर ताब था।

तब हम जीते थे दुसरों के लिए।पर आज सिर्फ आपने लिए।

तब बरसते थे मेघा सप्ताह भर,आज सिर्फ घनघोर है।

वो भी एक दोर था यह भी एक दोर है।

वो बक्त कुछ होर था यह बक्त कुछ होर है।

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तब गुलशन की तरह महकता था भरपूर परिवार।आज तिनको की तरह बिखरा है परिवार।

याद बहुत आते हैं “मदन”गांव के कच्चे घर।

जिन्हें छोड कर शहर की तरफ लगी है दौड।

वो भी एक दोर था,यह भी एक दोर है।

वो बक्त कुछ होर था यह बक्त कुछ होर है।

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💕कभी मैं बहक ही जाऊँ तो💕गीत 💕💕

कभी मैं बहक ही जाऊँ तो।

मुझे संभाल लेना तूम।

गिराना न मुझे कभी।

अपनी निगाहों से तूम।

मैं नादान हुँ,थोडा अनाडी

तेरे संग.ही लगाई मैने यारी।

मुझे तूम दूर मत करना।

मैं न जी ही पाऊगा।

दिल कहीं चहक न जाए।

कहीं मैं बहक ही जाऊँ तो।

मुझे संभाल लेना तुम।।।

💓💓💓💓💓💓💓💓💓💓💓

जमाने ने ठुकराया हर

डग्गर पे मुझको।

तुम्हीं तो अपने हो मेरे।

जिसने अपनाया है।

गमों से मेरी भर दी

झोलीयां जग ने।

क्या किस्मत है लिख दी।

मेरी मेरे रब्ब ने।

जिवन में अब महक ही जाऊंगा।

कभी मैं बहक ही जाऊँ तो।

मुझे संभाल लेना तूम।।

💓💓💓💓💓💓💓💓💓💓💓

अखडती है तन्हाई मूझे।

बहुत डर लगता है।

सोता है जब आलम् सारा।

तब तब मैं जगता है।

आ जाते हैं बरवस।

आंसू रूखसारो पे।

निहारती हैं आखें।

सुनेपन को दिबारो पे।

संभालो दिल को मेरे तूम।

कहीं चहक न जाऊँ।

कहीं मैं बहक ही जाऊँ तो।

मुझे संभाल लेना तूम।

गिराना न मुझे कभी ।

अपनी निगाहों से तूम।

💓💓💓💓💓💓💓💓💓💓💓

💕अब न मिला करेंगे ,रोज शाम को💕गजल💕

#तुम्हें फुरसत न मिली,तेरे काम से।

इधर जनाजा जा रहा था,बडी शान से।

देखलो नजरें उठा के एक बार मुझे।

मिटा के जा रहा हुँ अपना नाम ,तेरे नाम से।#

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#दूर बहुत दूर अब चला जाऊं गा।

छोड शहर तेरा ना बापिस आऊंगा।

रो लेना,दो कतरे आसूं वहा लेना बाम को।

अब मिला न करेंगे, रोज शाम को।##

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चैन से सोने दो मुझको,अब कवर में हुँ।

मैं अब तो लिपटा हूँ सुर्ख कफ़न में हुँ।

परेशान न करो मुझको, नींद में हुँ।

तेरी दुनिया से दूर,अभी दफ़न में हुँ।

जुल्मे सितम जब हद से गुजर गेए।

तेरे बास्ते ही अब मैं सफर में हुँ।

तेरे लिए जहाँ को छोडा,भुला दो मेरे नाम को।

अब न मिला करेंगे , रोज शाम को।

💔💔💔💔💔💔💔💔💔💔💔

यह कोन आआ है मेरी कवर पर आज़।

अब क्यों है आंसू बहा रहा कोई।

अन्धेरा है हर तरफ,धुयाँ धुयाँ है।

यह कोन है रात को,दीवा जला् रहा कोई।

फूल जो लाए हो बिराह का,चढा दो आराम से।

अब न मिला करेंगे ,रोज शाम को।।

💔💔💔💔💔💔💔💔💔💔💔

चाहा था हदसे गुज़र कर हमने तुम्हें।

तुमने ही न जाने,क्यों मुहँ मोडा।

जख्म भी तेरे थे,गम भी तेरे ही थे।

इसी बास्ते तेरे जग को है हमने छोडा।

तेरा फैसला तो खुदा की आदालत में होगा।

नाजुक था फूल टहनी का जो तुने तोडा।

तोड लो सब रिस्ते अब,मिटा दो मेरे नाम को।

अब न मिला करेंगे,रोज शाम को।

💔💔💔💔💔💔💔💔💔💔💔

कर दिया था कृबान जिवन जिनके लिए”मदन”

छोड कर चलेगे मुझे यहाँ बिरानो में।

कोई अपना नहीं होता ,दुनिया मतलब की है।

बरना् कोन छोड जाता हमें शमसानों में।

याद गर् आऐ मेरी ,कबर पर चले आना।

छु कर बेशक पुछ लेना तेरे हैशानो को।

रोम रोम मेरा देगा पुकार,मेरे वलिदान को।

अब न मिला करेंगे,रोज शाम को।।(भाऊ)

💔💔💔💔💔💔💔💔💔💔💔💔💔💔💔💓💓💓💓💖💖💖

💓मुझे दिलवर का दिदार जो पाया है।💓💕💔

झुम जाओ बहारों तुम आज।

मेघों जरा जम के बरसो आज।

मेरे संग संग तुम जी भर के नाचो।

आज मेरा यार मेरे द्बार में आआ है।

मत होना नयन सेजल तुम आज।

मुझे दिलवर का दिदार जो पाया है।

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बहुत तरसाया है,बहुत तडफाया है तुने।

प्यास बढाई है बहुत-२ रूलाया है तुने।

आखें हैं बरसी सावन भादों की तरह रोज।

बरसों- बरस यह दिल मेरा जलाया है तुने।

जी भर के देख लेने दो आज मेरा यार जो आआ है।

मुझे दिलवर का दिदार जो पाया है।।

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झील सी आखों में डुब जाने दो तुम आज।

झुकी हुई पलको में सबनम बनके रहने दो।

रूखसार की जमीं पर पसर जाने दो मुझे।

दबी हैं हसरते मन में मुद्धत से आज कहने दो।

रगं प्यार का आँखों में उतर आआ है।

मुझे दिलवर का दिदार जो पाया ह

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आज सितारों से घर के आँगन को है सजाया मैने।

जहाँ भर के अरमानों को है दिल में दबाया मैने।

आज कोई सिकबा-ऐ-सिकायत नहीं होगी।

जमाने भर के गमों को आज है भुलाया मैने।

टेसुयों के फुलों से आज दरबार सजाया है।

मुझे दिलवर का दिदार जो पाया है।।।ः

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छलक आईं थीं आंखे एक झलक पाते ही

जुबाँ से लफ्ज़ न फूट पाऐ थे कलाम को।

झलक रही थी रौनक उस चेहरे से मदन।

हाथ उठे हमारे करने दुआ सलाम को।

आंसुओं की चन्द बुद्धों का पिरो् हार लाआ है।

मुझे दिलवर का आज दिदार पाया है।

💓💓💓💓💓💓💓💓💓💓💓💖💕💕💕💕💕💕💕💕💕💕

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💔चल मना् चल चल यहाँ से💔

चल मना् चल चल यहाँ से।

यहाँ कोई नहीं है अब तेरा।

जो था वो छूट चूका है।

सितारा गर्दिश में है तेरा।

चल मना् चल चल यहाँ से।

यहाँ कोई नहीं है अब तेरा।

💔💔💔💔💔💔💔💔💔

दूर पहाडों में ले चल मुझको।

यहाँ हो न रिस्तों का घेरा।

झिलमिल तारो की बस लौ हो।

यहाँ भी मेरा अब हो डेरा।

चल मना् चल चल यहाँ से।

यहाँ कोई नहीं है अब तेरा।

💔💔💔💔💔💔💔💔💔💔

खुले आस्माँ की छाया तले।

धरा की गोद में हो बिछोना।

शीतल वायु के प्रवाह में गुजरे रात।

सुनाली किरण सपर्ष से हो सबेरा।

चल मना् चल चल यहाँ से।

यहाँ कोई नहीं है अब तेरा।

💔💔💔💔💔💔💔💔💔💔💔

एक एक कर सब छुट चुके हैं

फेहरिस्त में अभी हैं ओर बथेरे।

मुझको मिलेगा बस बही मिलेगा।

मुक्कदर में जो होगा मेरे।

चल मना् चल चल यहाँ से।

यहाँ कोई नहीं है अब तेरा।

💔💔💔💔💔💔💔💔💔💔💔

बहुत रूलाया है जग ने मुझे।

मिला न मुझ को सहारा।

जिस को अपना समझा मैने।

उसी ने कर लिया किनारा।

चल मना् चल चल यहाँ से।

यहाँ कोई नहीं है अब तेरा।

💔💔💔💔💔💔💔💔💔

गुमनाम हो कर बहुत हम घुमें।

क्या मन्दिर क्या गुरूद्वारा।

दर दर की खाई हैं ठोकरें।

न फिर भी मिला सहारा।

चल मना् चल चल यहाँ से।

यहाँ कोई नहीं है अब तेरा।

💔💔💔💔💔💔💔💔💔

अब सुकूँ से “मदन”होगा बसर।

यहाँ न रखेंगे कदम दुबारा।

झुठा है संसार यह तेरा।

नहीं है अब हमें गवारा।

चल मना् चल चल यहाँ से।

यहाँ कोई नहीं है अब तेरा।

💔💔💔💔💔💔💔💔💔

💕💕💕💕💕💕💕💕💕