👁️👁️तेरे नैनों से…👁️👁️

तेरे नैनों से,मिले नैना तो।

मुलाकात हो गई।

देखा तूम को जब,बरसे यह तो।

बरसात हो गई।

छलकते रहे जाम लवों को छू कर।

हाय् तौबा यह क्या बात हो गई।

तेरे नैनों से ,मिले नैना तो।

मुलाकात हो गई।

तूम क्या जानो कैसे ,गुजारे थे ये लम्हें हमने।

बहुत दर्दो को सहा था डरे सहमे हमने।

शमा बिरहा की वदन में जलती है रही।

अब तलक अरमान, जज्बातों की माला है पहनी।

कब था दिन और यह कब रात हो गई।

तेरे नैनों से मिले नैना तो।

मुलाकात हो गई।

बहुत मजबूर रहें होगें तूम भी हरदम।

बरणा खींच न लेते,तूम अपने कदम।

तेरी भीगी पलकें मुझ को, बता हैं रहीं।

जुटा भी पा रहे नहीं,तूम भी दमखम।

न वसी् दिल की नगरी जो बरबाद हो गई।।

तेरे नैनों से मिले नैनां तो।

मुलाकात हो गई।

देखा था मदन पहली बार जब तूमको।

बहुत गमसार लगते थे तूम हमको।

लुटा दिया था दिल का करार हमने।

समझ तो पाया नहीं अब तलक तूम को।

करते तो नहीं मगर खता हर बार हो गई।

तेरे नैनों से मिले, नैनां तो।

मुलाकात हो गई।

देखा तूमको जब बरसें यह तो।

बरसात हो गई।

तेरे नैनों से मिले नैना तो।

मुलाकात हो गई।

👁️👁️👁️👁️👁️👁️👁️👁️👁️👁️👁️👁️👁️👁️👁️👁️👁️👁️👁️👁️👁️👁️👁️👁️👁️👁️👁️👁️👁️👁️

😱😱यह मैं कैसे भुलूं😱😱गीत🤔

बहुत रूलाया था तुमने हमें।

यह मैं कैसे भुलूं।

मेरे जज्बातों की तौहीन।

मैं कैसे भुलूं।

बहुत रूलाया था तुमने।

मैं कैसे भुलूं।

तडफे थे दिन रात बहुत।

यह मैं कैसे भुलूं,,मैं कैसे भुलूं।

अभी दुलार तेरे की जरूरत भी नहीं।

कभी तो गबारा तुम्हें मेरी सूरत थी नहीं।

मेरे प्यार को कैसे ठुकराया।

यह मै कैसे भुलूं,मैं कैसे भुलूं।।

😱😱😱😱😱😱😱😱😱😱😱😱😱

जानते थे तूम हमें चहते तो नहीं।

मेरी सांसों में तूम बसते हो अब भी कहीं।

नेई सुबह नेई शबोरात, मुबारक हो तूम्हें।

नेई दोस्ती नये यार ,मुबारक हो तूम्हें।

मेरी जिन्दगी का जो मजाक बनाया।

यह मैं कैसे भुलूं,मैं कैसे भुलूं।

😱😱😱😱😱😱😱😱😱😱😱😱😱

आंसुओं की माला मैं साथ लाया हूँ।

अपने अरमानों की सौगात लाया हूँ।

कर लेना कबूल नजराना मेरा।

करू मैं कबूल अजी् शुकराना तेरा।

बातों का सिलसला थम सा गया।

जिन्दगी में जो आआ वो गम था नया।

जो तूने मुझे भुलाया ,मैं कैसे भुलूं।

यह मैं कैसे भूलूं।

😱😱😱😱😱😱😱😱😱😱😱😱😱

तूम खुश रहो मदन कहीं भी रहो।

खुदा करे तूम्हें जन्नत नसीब हो।

रहते हो बहूत दूर मगर दिल के करीब हो।

यह दुवाओं की सौगात मैं लाया हूँ।

झुकी पलकों में दबा कर बरसात लाया हुँ।

वो भीगी हुई पहली मुलाकात कैसे भुलूं।

तुम याद बहुत आते, यह मैं कैसे भुलूं।

बहुत रूलाया था तुमने हमें।

यह मैं कैसे भुलूं।

मेरे जज्बातों की तोहीन मैं कैसे भुलू.।।।

😱😱😱😱😱😱😱😱😱😱😱😱😱

😱😱यह मैं कैसे भुलूं😱😱गीत🤔

बहुत रूलाया था तुमने हमें।

यह मैं कैसे भुलूं।

मेरे जज्बातों की तौहीन।

मैं कैसे भुलूं।

बहुत रूलाया था तुमने।

मैं कैसे भुलूं।

तडफे थे दिन रात बहुत।

यह मैं कैसे भुलूं,,मैं कैसे भुलूं।

अभी दुलार तेरे की जरूरत भी नहीं।

कभी तो गबारा तुम्हें मेरी सूरत थी नहीं।

मेरे प्यार को कैसे ठुकराया।

यह मै कैसे भुलूं,मैं कैसे भुलूं।।

😱😱😱😱😱😱😱😱😱😱😱😱😱

जानते थे तूम हमें चहते तो नहीं।

मेरी सांसों में तूम बसते हो अब भी कहीं।

नेई सुबह नेई शबोरात, मुबारक हो तूम्हें।

नेई दोस्ती नये यार ,मुबारक हो तूम्हें।

मेरी जिन्दगी का जो मजाक बनाया।

यह मैं कैसे भुलूं,मैं कैसे भुलूं।

😱😱😱😱😱😱😱😱😱😱😱😱😱

आंसुओं की माला मैं साथ लाया हूँ।

अपने अरमानों की सौगात लाया हूँ।

कर लेना कबूल नजराना मेरा।

करू मैं कबूल अजी् शुकराना तेरा।

बातों का सिलसला थम सा गया।

जिन्दगी में जो आआ वो गम था नया।

जो तूने मुझे भुलाया ,मैं कैसे भुलूं।

यह मैं कैसे भूलूं।

😱😱😱😱😱😱😱😱😱😱😱😱😱

तूम खुश रहो मदन कहीं भी रहो।

खुदा करे तूम्हें जन्नत नसीब हो।

रहते हो बहूत दूर मगर दिल के करीब हो।

यह दुवाओं की सौगात मैं लाया हूँ।

झुकी पलकों में दबा कर बरसात लाया हुँ।

वो भीगी हुई पहली मुलाकात कैसे भुलूं।

तुम याद बहुत आते, यह मैं कैसे भुलूं।

बहुत रूलाया था तुमने हमें।

यह मैं कैसे भुलूं।

मेरे जज्बातों की तोहीन मैं कैसे भुलू.।।।

😱😱😱😱😱😱😱😱😱😱😱😱😱

💕दिल में अरमान,बहुत जज्बात रहते हैं💕

दिल में अरमान,बहुत जज्बात हैं रहते।

अपने ख्यालों को मगर हम कह नहीं सकते ।

मत भुलना उन्हें तूम जो याद हैं करते।

तेरी खुशी की सदा् जो फरयाद हैं करते।

मत रोना कभी तूम आंसू न बहाना।

सच कहता हूँ आता नहीं मूझे चुप कराना।

लोग ढुंढ ही लेते हैं कोई तो बहाना।

बच के तूम रहना जालिम है जमाना।

अपने दिल की बात सिर्फ तूम हैं करते।

दिल में अरमान बहुत जज्बात हैं रहते।।🦇🦇🦇🦇🦇🦇🦇🦇🦇🦇🦇🦇

तूम तो नाजुक, कोमल कलि बडी हो।

खिलने को बागों में,फूल खडी हो।

झुक जाती हैं पलकें यह नादान बडीं हैं।

अंखियों से नीदिया है गायब जब से ये लडीं हैं।

तूम तो सपना हो सजाया है नयनों में।

अब तो होता नहीं बसेरा,बिरान रैनो में।

जुबाँ से कुछ भी मैं तो बोल नहीं पाता।

एक ख्याल है दिल से जो नहीं जाता।

दिल की उदासी को,अब हम सह नहीं सकते।

दिल में अरमान बहुत जज्बात हैं रहते।

🦇🦇🦇🦇🦇🦇🦇🦇🦇🦇🦇🦇🦇

तूम सा देखा नहीं प्यारा इस जहाँ में।

मेरी भावनाओं का सहारा हो इस जहाँ में

दिल की चाहत हो दिल का जनून हो तूम।

बडे ही सहज,बडे ही रंगीन हो तूम।

तूम से ही सीखा है हँसना और रोना।

तूम से ही सीखा है,पाना और खोना।

जब तलक तूम नहीं थे रंगीन नजारों में।

गम की छाया थी इन बिरान बहारों में।

जब से मिले हैं नयना,प्यासे ही रहते हैं।

दिल में अरमान बहुत जज्बात रहते हैं

🦇🦇🦇🦇🦇🦇🦇🦇🦇🦇🦇🦇🦇

दिन ये चार युदाई के “मदन”कट ही जाऐंगे।

चले ही गए अगर ,नहीं हम लोट के आऐंगें।

मेरी गज़लें ये मेरे गीत तूम को रूलाऐंगे।

दिल के अरमान,जज्बात किसको दिखाऐंगे।

न कभी बक्त है ठहरा, न हम ठहर पाऐंगे।

तेरे मन में छिपा क्या राज कब बतलाऐंगे।

तूम हो प्ररेणा मेरी,तूम ही तो मीत हो।

हम हार भी जाऐं मगर तेरी ही जीत हो।

अब है अन्तिम ये बोल,हम सच ही कहते हैं।

दिल में अरमान बहुत जज्बात रहते हैं।।।

💕💕💕💕💕💕💕💕💕💕💕💕💕

💕💕 छाया दिल में अंधयारा💕💕गीत💕

छुपे चांद तारे गगन में।

छाया दिल में अंधयारा।

मेरे मन की मन में रह गेई।

सब कर गए किनारा।

छुपे चांद तारे गगन में।

छाया दिल में अंधयारा।

हुआ कत्ल आज एतवार का।

है छुपा कहाँ वो हत्यारा।

कहीं गुम हुआ जहांन में।

था जो मुझको बहुत प्यारा।

छुपे चांद तारे गगन में।

छाया दिल में अंधयारा।।

तूने चाह दिल में जगाई।

फिर छीन लिया सहारा।

बहते हैं आंसू रात दिन।

तेरी याद में ओ यारा।

छुपे चांद तारे गगन में।

छाया दिल में अंधयारा।।

मन के अशियाने में “मदन”

मुझे दे दो जगह दुबारा।

रह लेगें किसी भी हाल में।

जो फरमान हो तुम्हारा।

छुपे चांद तारे गगन में।

छाया दिल में अंधयारा।।

💕💕💕💕💕💕💕💕💕💕💕💕

🌷जिस घर में झगड़ों का वास हो🌷गीत🌷

जिस घर में झगडो़ का वास हो।

वो घर कभी न आबाद रहे।

कोई पास रहे यां दूर रहे।

बहाँ किसी से न कोई आस रहे।

जब घर को तूम न घर समझों।

फिर कैसे कोई तेरे साथ रहे।

जिस घर में झगडो़ का वास हो।

वो घर कभी न आबाद रहे।।

🦇🦇🦇🦇🦇🦇🦇🦇🦇🦇

इस घर में हैं रंग बिरंगे।

फूलों के गुलदस्ते हैं।

कुछ रोते हैं,कुछ हसंते हैं।

पर साथ साथ वो रहते हैं।

रंगोली सजी आंगन में कहती।

मेरी तरह तेरे रिस्ते खास रहें।

जिस घर में झगड़ो का वास हो।

वो घर कभी न आबाद रहे।

🦇🦇🦇🦇🦇🦇🦇🦇🦇🦇

तूम रिस्तों की तो जान हो।

सब की खुशियों का ध्यान हो।

तूम भूल कर न दिल दुखाना।

तेरी शान में उसकी शान हो।

घर है स्वर्ग अगर तूम समझों।

न समझों तो यह शमशान हो।

जिस घर में झगड़ो का वास हो।

वो घर कभी न आबाद रहे।

🦇🦇🦇🦇🦇🦇🦇🦇🦇🦇

बडे अरमानों से था बनाया।

मैने यह सुन्दर बसेरा यहां।

रात कहीं पर भी हो कटती।

होता मगर था सबेरा यहां।

मेरे अरमानों की है भेंट चढी।

देखना कभी इसका न नाश हो।

जिस घर में झगडो़ का वास हो।

वो घर कभी न आबाद रहे।

🦇🦇🦇🦇🦇🦇🦇🦇🦇🦇

बेटी को किया है जुदा मैने।

दूर आंखों से किया है सदा मैने।

मैं ढुढं के लाया एक नन्हीं परी।

घर में समझा बहू को ही खुदा मैने।

कभी उसकी आंख में न आऐं आंसू।

सदा तेरे गले का वो हार हो।

जिस घर में झगडो का वास हो।

वो घर कभी न आबाद हो।

🦇🦇🦇🦇🦇🦇🦇🦇🦇🦇🦇

मत झगडो़ तूम बस प्यार से रहो।

दुःख सुख में “मदन”तूम साथ रहो।

इस घर को बुलन्दियों पर ले जाना।

बस मन में तेरे,यही बात हो।

कभी दर् से तेरे न जाना पडें।

तेरी सांस में ही उसकी सांस हो।

जिस घर में झगडो़ का वास हो।

वो घर कभी न आबाद रहे।।।

🦇🦇🦇🦇🦇🦇🦇🦇🦇🦇🦇🦇🦇❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️

😋रोपा था पौधा जमीं में जब😋😋🌷🌷🌷🌷गीत🌷🌷🌷🌷

रोपा था पौधा जमीं में जब।

ये दिल बहुत घबराने लगा।

खुशी भी थी गमी् के संग-२

मन में नशा् था छाने लगा।

सींचता रहा रात दिन मैं उसे।

चैन अपना था मैं गवाने लगा।

रोपा था पौधा जमीं में जब।

ये दिल बहुत घबराने लगा।

🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷

बढता हुए देख मन् झूम गया।

माथा था प्यार से चूम गया।

बढता रहा वो फूलता ही गया।

जब फूल खिलने लगे रंग भरे।

सब थे तेरे आज संग खडे।

जब वो घर में झूमने लगा।

रूखसार मेरे था चूमने लगा।

मजा जिन्दगी का था आने लगा।

रोपा था पौधा जमीं में जब।

ये दिल बहुत घबराने लगा।

🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷

सींचा था लहू से जिसको कभी।

टूटने लगा फूल डाली से तभी।

किनारा था वो जब करने लगा।

उसे देख था मैं डरने लगा।

बदलते हूए रंग मैं देख रहा।

जख्म दिल के था मैं सेक् रहा।

दूर जाता उसे मैं देख कर।

आँखों में अक्स था आने लगा।

रोपा था पौधा जमीं में जब।

ये दिल बहूत घबराने लगा।

🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷

रह पाऊँगा बिन् तेरे मैं कैसे।

यही सोच सोच दिल रोने लगा।

बुढापा भी था “मदन”छाने लगा।

आँखों की लौ भी बुझने लगी।

डुबता हुआ सुर्य मैं देख कर।

सब मंजर था सुजने लगा।

जिन पे प्यार था लुटाया कभी।

अब काँटो से दामन छुडाने लगा।

रोपा था पौधा जमीं में जब।

ये दिल बहुत घबराने लगा।

खुशी भी थी गमी् के संग

मन में नशा था छाने लगा।

ये दिल बहुत घबराने लगा…।।

🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷

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