I published a song on StarMaker, check out my singing now!
#StarMaker #karaoke #sing
https://m.starmakerstudios.com/d/playrecording?recordingId=8444249303623134&app=sm&from_user_id=8444249302531921&share_type=more

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💕💕आजकी रात देखा है मैने एक हसीन सपना💕💕

आजकी रात देखा है मैने,एक हसीन सपना।

गुम होता गया सपनों में।

एक तस्वीर उबरने लगी।

सितारे जमीं पर उतर आऐ ।

सारे के सारे थे।

चमक उठी थी धरती।

वाह क्या खुब नजारे थे।

आकाश को जमीं पर उतरते हुए देखा।

होश फ़ख्ता हो गे हमारे थे।

अन्जान दुनिया की झलक आज पहली बार देखी।

रेशम की तरह दिख रहे थे सारे के सारे।

बेगाने थे सब न मगर था कोई अपना।

आजकी रात देखा है मैने एक हसीन सपना।।

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एक तरफ चान्द बिखेरे हुए रौशनी था।

झलक रही थी मुहब्बत उसकी आँखों में।

सब के सब थे इन्तजा़र में न जाने किसके।

समझ पाया नहीं मैं हैरान परेशान था।

दिलके सबालों का कोई जबाब न था।

मुस्कराते सितारों ने पुछा मुझसे।

क्यों परेशान हो इन्सान धरती पर तुम।

आज की रात तो हम तेरे ही महमान हैं।

वो आ जाऐं जिनके लिए है बरात आई।

चले जाऐंगे फिर आस्मान पर हम।

इन्तजार है उसी का जो तेरा है अपना।

आजकी रात देखा है मैने एक हसीन सपना।

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जब वो आऐ झुकी-झुकी थीं पलकें।

मतवाली चाल कयामत ढाह रही थी।

आशकानी हवाओं के झोंकेँ रागणी गा रहीं थीं।

उठी जब निगाहें गजब ढाह रहीं थीं”मदन”

होश मदहोश हुए जुबाँ भी लडखडा रही थी ।

चान्दनी सा रूप सितारे भी शरमा रहे थे।

चाँद की चान्दनी में वो नहा रही थी।

खुली जो जुल्फें एक बदली छाई ।

आहिस्ता आहिस्ता चल के वो मेरे पास आई।

मत घवराओ मुझ से तूम पास आओ।

दोस्त हुँ तुम्हारा कोई पराई नहीं हूँ।

आसूँ छलके थे ,क्या मिलन की थी वेला ।

एक मुद्दत से रह गया था में अकेला।

भटकता रहा अन्जान गलियों में न था कोई अपना।

आजकी रात देखा है मैने एक हसीन सपना।

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💕💕💕💕💕💕💕💕💕💕💕💕

💕इसकी बजह तूम ही हो💕गीत💙💙

अगर हम सांस ले रहे हैं तो।

इसकी बजह भी तूम ही हो।

अगर कदम दर कदम बड रहें हैं।

इसकी बजह भी तुम ही हो।

तुम से ही शुरू है जिन्दगी।

तुम पे ही है खत्म।

आरजू न है बाकी सिवा तेरे।

आज अगर हम मुस्कुरा रहे हैं तो।

इस की बजह भी तूम ही हो।

दिए थे जख्म जमानें ने।

कर लिया था किनारा सबने।

सीन लिया सहारा हम से।

आज भी अगर जी रहे हैं तो ।

इसकी बजह भी तुम ही हो।

डगमगा गेई हैं दिबारें जिन्दगी की।

बहक ही गए थे हम भी “मदन”

हार गए थे जिन्दगी से ।

तन्हाइयों से लडते लडते।

अगर आज वजूद है बाकी तो।

इसकी बजह भी तूम ही हो।

💕💕💕💕💕💕💕💕💕💕💕

👁️मैने देखा है उनकी आँखों में अश्कों को👁️गीत👁️💕💕

मैने देखा है उनकी आँखों में अश्कों को।

भीगी हुई नमः आँखों को भी देखा है।

मैने देखा है उनकी आँखों में तैरते सपनों को।

बुझी-बुझी आशाओं को भी देखा है।

उडी हुई नींद को,बिखरे हुए ख्वाबों को…

झुकी निगाहों में निमोशी को देखा है।

मैने देखा है उनकी आँखों में अश्कों को।

भीगी हुई नमःआँखों को भी देखा है।।

उमडते प्यार को, दिल में उठते धुयें को देखा है।

जलती शमा्, उडते गुवार को भी देखा है।

आँखों के तीर को दिल के पार होते देखा है।

थरथराते लवों को,सुर्ख रूखसार को देखा है।

उमडती लहरों को साहिल से टकराते हुए देखा है।

उज़डे चमन में खिलते फुलवहार को भी देखा है।

मैने देखा है उनकी आँखों में अश्कों को।

भीगी हुई नमःआँखों को भी देखा है।

तडफते हुए किसी के इन्तजार मे उनको।

सहते हुए सितम् उनको हरबार देखा है।

डूबती हुई कश्ती को मंझदार मेंने….

हजार बार देखा है।।

ओस की बुद्धों को चमकते हुए चेहरे पर..

मैने केईं केईं बार देखा है।

मैने देखा है उनकी आँखों में अश्कों को।

भीगी हुई नमः आँखों को भी देखा है।

लहराते हुए बादल को’मदन”उनकी जुल्फों में देखा है।

चमकती हुई बिजली की तरंगों को चक्षुओं में देखा है।

यादें-रफ्तगां में सोज-ए-निहाँ को देखा है।

सितम-जरीफी है बना प्यार उसका।

ब-नसीमें-लम्हें-नाजुक से शरमाते हुए देखा है।

रकीबे-गमजदा को दायरे-गैर से गुजरते देखा है।

मैने देखा है उनकी आँखों में अश्कों को।

भीगी हुई नमः आँखों को भी देखा है।

💕💕💕💕💕💕💕💕💕💕💕

🌹अमन से रहना,तूम अब मेरे बच्चो🌹

जला दिया है चिराग अमन का हमने।

बरसों से थी तालाश जिसकी तूम सबको।

बन जाना रौशनी तूम सब इसकी।

महकना है गुलशन की तरह तूम सबको।।

जकड रखा था ज़जीरों में जिसको।

आजाद हो गुलामी से अब तूम सब।

अमन से रहना तूम अब मेरे बच्चो।

उडना खुली फिजाओं में मिलकर तूम सब।।

रो रही थी बिलख रही थी बरसों से धरती केसर की।

नोंच नोंच कर लूटी है अस्मित मिल कर इन सबने।

अब पीढा सहन से बाहर हो चुकी थी।

कर दिया है आजाद मिलकर हम सबने।।

मुट्ठी भर लोगों की खातिर थे मजबूर तुम।

आज मिटा दी हैं सब मजबूरियां हमने।

जगा् लो उमगें,फैला लो नन्हें पंख तुम सब।

छुना है गगन को मिलकर हम सबने।।

गुजेंगे सुफी कलाम अब फिर से।

लहराऐंगे परचम अमन के फिर से।

तैरेंगी नोका,चहचहाऐंगे पक्षी फिरसे।

मिटानी है र्दुगन्ध बरूद की,फैलानी है फूलों की खुशबू फिर से।।

हर जगह ,हर पल सुख हो चैन हो,अमन हो।

प्रेम की मधुर बेला हो,ढलते सुर्य की लालिमा हो।

मधूर सपने हों, हों सुन्दर ख्यालात पनपें हर पल।

फरिस्ते हों यहाँ अब, न कोई अब जालिम हो।।

बहुत कठिन था मगर जोश था मुझमें मेरे बच्चों।

अब मत डगमगाना कदम तुम अपने।

लगाके रखना गलें से तूम सबको।

संयोना है,सींचना है हरपल इसको।।

तूम शीश हो मानचित्र का इसे झुकने हम कैसे देगें।

तूझ बिन अधूरी अकृति,तेरी प्रगति रूकने हम कैसे देगें।

तेरे सीने को लहुँ से लथपत किया है इनकी नितियों ने।

तूझको नफरत की आग से फूंकने कैसे देगें।।

खोया है असंख्य बीरों को, दिया है वलिदान सबने।

बेअर्थ यह सब हम जाने कैसे देते “मदन”

बडी शिद्धत से बनाया है रब्ब ने तुझे।

दुल्हन की तरह तूझको सजाना है हम सबने।

💕💕💕💕💕💕💕💕💕💕💕💕💕💕💕💕💕💕💕🌹🌹🌹

💕💕दिल की आरजू💕💕

मेरी अभिलाषा है कि जब तलक रहूँ।

बस तेरा साथ हो,वो पल कभी न आऐ।

जो तुम से बिछुड कर हो।

तुम हो तो मेरी दुनिया आबाद है।

तुम हो तो मेरी चाहत बरकरार है।

दिल की गहराइयों में हो तुम।

मेरी हर सांस तुम्हारी है अमानत।

कभी -२ सोचता हुँ वो पल कैसा होगा।

जब तुम कुछ समय के लिए ही सही।

मेरे साथ न होगीं।।।।।।।।।।।।।

दिल की आरजू है अगर।

कुछ खाऊँ,कुछ पीऊँया कुछ पहनुं

बस तुझ से ही।

कल्पना मात्र से ही सिहर जाता हुँ।

जब तुम न होगें तो कैसा होगा।

एक पग तक भर न पाऊँगा।

तुम हो तो पतझड़ भी बहार लगता है।

तुम हो तो रूप श्रंगार लगता है।

तुम नहीं तो कुछ नहीं मात्र शुन्यः

खिलाया है मधुवन जो तुमने।

तुम इसकी मूलाधार हो।

खिले से फूल जो हैं महक रहे।

इसकी बजह तो तूम ही हो।

तेरे संग तो हम ने बिताई हैं..

न जाने कितनी ही बसन्त।

मुस्किल बक्त की घडी़ में तुम

रही सहारा बन के।

जिवन भर तुमने किया है कठिन संर्घष।

बदले में कुछ नहीं दे पाया हूँ तुझे।

कोई अभिलाषा भी पुर्ण नहीं कर पाया।

दुसरों के सुख ढुढते-२ अपने सुख ही भूल गे हम।

अपना आस्तिव ही लुप्त होता चला गया।

ख्वाहिशें,अरमान सब धुमिल होते गेए।

आहिस्ता आहिस्ता,चुपके-चुपके।

जज्बातों में हम बहते चले गेए।

बस बचा् है तो मात्र मिट्टी का ढेर।

जिसको सिंचा हमने अपने लहुँ के कतरों से।

वो भी जमाने की रंगरेलियों में खोते चले गेए।

सिवाय गम,परेशानियों,व उल्लफत के कुछ न दिया।

आओ मिलके संग जी लें अब बचे जिवन के कुछ पल्।।।।।।

💕💕💕💕💕💕💓💓💓💓💓💓🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹😱😱