👁️मैने देखा है उनकी आँखों में अश्कों को👁️गीत👁️💕💕

मैने देखा है उनकी आँखों में अश्कों को।

भीगी हुई नमः आँखों को भी देखा है।

मैने देखा है उनकी आँखों में तैरते सपनों को।

बुझी-बुझी आशाओं को भी देखा है।

उडी हुई नींद को,बिखरे हुए ख्वाबों को…

झुकी निगाहों में निमोशी को देखा है।

मैने देखा है उनकी आँखों में अश्कों को।

भीगी हुई नमःआँखों को भी देखा है।।

उमडते प्यार को, दिल में उठते धुयें को देखा है।

जलती शमा्, उडते गुवार को भी देखा है।

आँखों के तीर को दिल के पार होते देखा है।

थरथराते लवों को,सुर्ख रूखसार को देखा है।

उमडती लहरों को साहिल से टकराते हुए देखा है।

उज़डे चमन में खिलते फुलवहार को भी देखा है।

मैने देखा है उनकी आँखों में अश्कों को।

भीगी हुई नमःआँखों को भी देखा है।

तडफते हुए किसी के इन्तजार मे उनको।

सहते हुए सितम् उनको हरबार देखा है।

डूबती हुई कश्ती को मंझदार मेंने….

हजार बार देखा है।।

ओस की बुद्धों को चमकते हुए चेहरे पर..

मैने केईं केईं बार देखा है।

मैने देखा है उनकी आँखों में अश्कों को।

भीगी हुई नमः आँखों को भी देखा है।

लहराते हुए बादल को’मदन”उनकी जुल्फों में देखा है।

चमकती हुई बिजली की तरंगों को चक्षुओं में देखा है।

यादें-रफ्तगां में सोज-ए-निहाँ को देखा है।

सितम-जरीफी है बना प्यार उसका।

ब-नसीमें-लम्हें-नाजुक से शरमाते हुए देखा है।

रकीबे-गमजदा को दायरे-गैर से गुजरते देखा है।

मैने देखा है उनकी आँखों में अश्कों को।

भीगी हुई नमः आँखों को भी देखा है।

💕💕💕💕💕💕💕💕💕💕💕

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