👹कितने चिराग़ हैं बुझ चुके👹

आज दर्दे दिल

चीख उठा फिर से।

मिटा दिया अस्तित्व

किसी निर्बल का।

लुटती रही अस्मित

दब गेई चीखो पुकार।

वो तार तार हुए

वो जार जार हुए।

न दर्द हुआ महशूस किसी को।

वो शमा् में जल उठी।

बन के लावा पिघला कर्णो में।

ठहके जो उनके गुंजते रहे।

जलती रही एक अवला

करती रही पुकार।

आआ न रहबर बनके कोई।

मिला न कोई मददगार।

कब तक नाजुक फूल यहां।

पांव तले मछलते रहेंगे।

कब तलक बिरह की आग में।

नन्हें पक्षीं जलते रहेगें।

आखिर कब तक खुले गी आंख।

देश के ठेकेदारो की।

कब तक छीनती रहेगी।

आजादी यहां बहारो की।

कितने चिराग हैं बुझ चुके।

कितने ओर बुझेंगें।

बेदर्द हवाओं के झोकों पर।

लगेगें पहरे कब तक।

कब तक गायब ही रहेगी।

मुस्कराहट मसूम चेहरों की।

आखिर कब तक,आखिर कब तक।

दबती रहे गी आबाजें

दबते रहेंगें अरमान।

कब तक चूकता हम करेगें।

तेरे यह अहसान।

अपने ही घर में कब तक ।

ठहरें गे बन महमान।

खुली फिजाओं में उडेगे कब हम।

कब छू लेगें आस्मान।

आज धूआं धूआं हुआ मन।

जल उठा तन वदन।

लवों पे ताले ,नयनों में आंसू।

भटक रहें हैं जुगनू यहां

मध्यम सी लौ लिए।

महकते थे फिजां में जो वो

उजड चूके हैं गुलवदन।

ये कैसी आग लगी चमन में।

जल उठे मन सारे दमन ।

दरिंदगी का दौर ‘मदन’।

कैसे छाया है यहां।

पवित्र मन हैं सब जो।

कहराते हैं आज यहाँ।

कितने चिराग हैं बुझ चुके।

कितनो को बुझना है यहां।।।

😱😱😱😱😱😱😱😱😱😱😱😱😱

🤡🤡🤡🤡🤡🤡🤡🤡🤡🤡🤡🤡🤡

🌿उम्र गुजार दी सारी तूने🌿

उम्र गुजार दी सारी तूने।

बन ना पाया आशियाना।

आज यहाँ कल और कहीं।

न मिल पाया तूझे ठिकाना।

अपने थे जो चाहने बाले ,कर चुके बैगाना।

उम्र गुजार दी सारी तूने,बन न पाया आशियाना।

💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐

क्या था जो तू साथ ये लाया।

किसके लिए ये आंसू बहाऐ।

यह जग माया का बन्धन।

तेरे कुछ भी साथ न जाऐ।

उलझ चुका तू इस में बन्दे,लाख लगाऐ बहाना।

उम्र गुजार दी सारी तूने बन न पाया आशियाना।

🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲

इस माया की खातिर तूने।

हैं क्या क्या पाप कमाऐ ।

अपने भी सब छोड चुके ।

अब क्यों कर तू पछताऐ।

मतलब की ये दुनिया सारी,मतलब का जमाना।

उम्र गुजार दी सारी तूने,बन न पाया आशियाना।

🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺

रूह तेरी फिर भी भटके।

मन में चैन तूझे न आया।

सोच जरा तू आंख मूंद कर।

क्या खोया तूने क्या है पाया।

प्यास बुझी न आज भी तेरी ,लूट चुका खजाना।

उम्र गुजार दी तूने सारी,बन न पाया आशियाना।

☘️☘️☘️☘️☘️☘️☘️☘️☘️☘️☘️☘️☘️

क्या है तेरी औकात रे बन्दे,।

इतना इतराता है क्यों बन्दे।

तेरे महल चुबारे यह देह तेरी।

एक मुट्ठी भर राख की है ढेरी।

दो कदम भी न तू चल पाऐगा, कांधे दुसरे पर है जाना।

उम्र गुजार दी सारी तूने,बन न पाया आशियाना।

🌾🌾🌾🌾🌾🌾🌾🌾🌾🌾🌾🌾🌾

करता है घुमान तू क्यों सूरत पर।

ठहर जा जरा ‘मदन’तू बिचार कर।

फूलों से भी सजी होगी,ये मुर्त तेरी।

एक कोने में टंगी होगी कहीं दिबार पर।

भूल जाऐगा ये जग एक दिन,लोट के अब न तूझे आना।

उम्र गुजार दी सारी बन्दे,बन न पाया आशियाना।

💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐

💃💃नाजुक हैं फर्,मत फडफडाओ इतना।💃💃

ऐै नन्हीं परी मत इतराओ इतना।

नाजुक हैं फर मत फडफडाओ इतना।

इतना भी हवाओं में मत उडना तूम।

कब बदले गा हवाओ का रूख इतना।

गिर जाओगे जमीं पर,न उड पाओगे।

फिर सपने अधुरे रह जाऐंगे तेरे।

न जाने कोई ,पछताओगे कितना।

है नन्हीं परी मत इतराओ इतना।

नाजुक हैं फर मत फडफडाओ इतना।

🐦🐦🐦🐦🐦🐦🐦🐦🐦🐦🐦🐦

जब देखता हूँ मसूम चेहरा तेरा।

खुशियों से भर जाऐ हिया मेरा।

ऐैसे ही मुस्कुरया करो तूम ही।

लूटा ही दुं सब सुख चैन मेरा।

तूझ में बसी है सांस मेरे जीवन की।

डगमगाऐ न कभी बिश्वास तेरा।

तेरी इक झलक पाने को हूँ बेताब कितना।

ऐै नन्हीं परी मत इतराओ इतना।

नाजुक हैं फर मत, फडफडाओ इतना।

🐦🐦🐦🐦🐦🐦🐦🐦🐦🐦🐦🐦

अब आ ही जाना सुहानी शाम है।

हर घडी़ लवो पे तेरा ही नाम है।

छलकते हुए अश्कों के प्याले हैं।

जाम से टकराते हुए जाम हैं।

सो गई कयानात तूझे देखते हुए।

लौ तारों की भी परेशान है।

इन्तजार की इन्तहा हो गई इतनी।

ऐै नन्हीं परी मत इतराओ इतनी।

नाजुक हैं फर मत फडफडाओ इतनी।

🐥🐥🐥🐥🐥🐥🐥🐥🐥🐥🐥🐥

बहक जाना कभी न जमाने की चमक में।

सन्मोहित होना मत,इस की झलक में।

दुःख हैं भरे बहुत ,दुःख भरी राह में।

पर मुकामिल बनोगे इसी चाह में।

झिलमलाते सितारों का फिर आंगन होगा।

खुशियों की फुहारों का ‘मदन’ सावन होगा।

मत भूलना तूम उन के हैशानों को।

दुवाओं पे दुवाऐं लटाते,दिबानों को।

अधूरे हो अपनों के बिन,मंजिल पा लो कितनी।

ऐै नन्हीं परी मत इतराओ इतनी।

नाजुक हैं फर मत फडफडाओ इतना।

💃💃💃💃💃💃💃💃💃💃💃💃👯

🏃🏃🏃🏃🏃🏃🏃🏃🏃🏃🏃🏃👯

💔💔चाहत है मेरे दिल में💔💔

समन्दर में फूल बिछाने की।

चाहत है मेरे दिल में।

आस्मान से तारे लाने की।

ख्बाहिश है मेरे दिल की।

मिल जाऐं अगर वो।

जिन्हें पाने की चाहत है दिल में।

समन्दर में फूल बिछाने की।

चाहत है मेरे दिल में।।

💔💔💔💔💔💔💔💔💔💔💔💔

देखा है ढलते सुर्य की बेरूखी को।

चिढाते हुए जमीं पर सुर्ख हँसी को।

मिल कर बिछुड़ भी जाना ,है उसी की फितरत।

बर्षो से देखा है उन की बेमुखी को।

अपने तो अब भी लगते हैं,बस बहलाने की।

चाहत है मेरे दिल में।

समन्दर में फूल बिछाने की।।

💔💔💔💔💔💔💔💔💔💔💔

शबनम की बुद्दें,ढलकी आंखों से रूखसारो पर।

खीज क्यों है निकली र्निदोष बहारों पर।

हम तब भी थे जमीं पर ,जब तूम नहीं थे।

बिन तेरे भी फिदा होगें,मस्त नजारों पर।

बक्त की नजाकत है दुरिया मिटाने की।

चाहत है मेरे दिल में।

समन्दर में फूल बिछाने की।।

💔💔💔💔💔💔💔💔💔💔💔💔

मगरूर भबँरे हैं बडे फूलों को घूर कर।

नफरतें तू दिल की दिल से आज दूर कर।

मिले न सोहरत तेरी जी तो हम तब भी लेगें।

मोहब्बत पर पहरे बिठा,इतना न मजबूर कर।

ख्वाहिश दिल में न उठे ,दिल से मिटाने की।

चाहत है मेरे दिल में।

समन्दर में फूल बिछाने की।।

💔💔💔💔💔💔💔💔💔💔💔💔

भूल जाना हमको,’मदन’अब ना याद करना।

आ भी जाऐं आंखों में आंसू,न आह भरना।

अब दूर बहुत है मंजिल न कभी मिल पाऐगें।

मिलने की दिल में न तूम चाह करना।

मिली खाक में चाहत,घडी है जाने की।

चाहत है मेरे दिल में।

समन्दर में फूल बिछाने की।

💔🙏💔🙏💔🙏💔🙏💔🙏💔🙏

💕बडे मजबूर हैं हम भी💕

बडे मजबूर हैं हम भी ओरों की तरह।

दिल में सकूँ नहीं है ओरों की तरह।

बडे मजबूर हैं हम भी ओरों की तरह।

जख्म खाऐ हैं गहरे,दिल पे हमने।

दर्द को भी दबाया हुआ है हमने।

तूम न जानो क्या हालात हैं यहाँ।

आंसू पी कर भी मुस्कराया है हमने।

हम को भी अपना लो तूम ओरों की तरह।

बडे मजबूर हैं हम भी ओरों की तरह।

दिल में सकूँ नहीं है ओरों की तरह।

💛💛💛💛💛💛💛💛💛💛💛💛

बेवफा नहीं थे क्यों इल्जाम दिए.मूझको।

क्यों मजबूर किया उठाने को जाम मूझको।

यू तो पीते नहीं हैं हम मगर।

नशा सा छा जाता है हर शाम मूझको।

सम्भाल ही लेना लडखडाऐं हम ओरों की तरह।

बडे मजबूर हैं हम भी ओरों की तरह।

दिल में सकून नहीं है ओरों की तरह।

💛💛💛💛💛💛💛💛💛💛💛💛💛

तेरे सबाब का नशा तो अब तक है।

इन्तजार रहेगा यह सांस जब तक है।

भूलने का भी मैं तूझको मोका न दुगा।

पलकें बिछाई हैं राह में ,आस जब तक है।

मिल भी जाना न ठुकराना मूझे ओरों की तरह।

बडे मजबूर हैं हम भी ओरों की तरह।

दिल में सकून नहीं है मूझे ओरों की तरह।

🤔🤔🤔🤔🤔🤔🤔🤔🤔🤔🤔🤔

दबे मुद्धत से ‘मदन’हैं सबालात दिल में।

यू ही उठते,दबते हैं ख्यालात दिल में।

मिली तो नहीं मंजिल कहीं मूझको।

रूकते नहीं उठते हुए गब्बार दिल में।

एक मोका मुझको भी दे दो ओरों की तरह।

बडे मजबूर हैं हम भी ओरों की तरह।

दिल में सकूँ नहीं है मूझे ओरों की तरह।

💔💔💔💔💔💔💔💔💔💔💔💔💔💔🙏💔🙏💔🙏💔🙏💔🙏💔🙏💔

😂जिन के लिए हर सुख मैने😂

जिन के लिए हर सुख मैने।

जिन्दगी का है बार दिया।

वो बनेगें सहारा मेरा।

जिन पर था मैने ऐतबार किया।

वो निकले हैं खुदर्गज सारे।

मेरा अशियाना भी उजाड दिया।

मेरे अरमानों का है कत्ल किया।

मुझको जीते जी है मार दिया।

जिन के लिए हर सुख मैने।

जिन्दगी का है बार दिया।

😂😂😂😂😂😂😂😂😂😂

जीवन के हैं सपने मूझे।

आज हैं डरा रहे।

सुन्य पड गे नयना मेरे।

छम छम नीर वहा् रहे।

देख लो मेरे भबिष्य को तूम।

हैं कैसे कदम लडखडा रहे।

आंसुओं का मोल तूम क्या जानो।

हम ने सब कुछ हार दिया।

जिनके लिए हर सुख सुख मैने।

जिन्दगी का बार दिया।

🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣

पुछा नहीं कभी हाल ये मेरा।

नहीं किसी ने प्यार किया।

झुझता रहा मैं रात दिन।

कभी न मैने श्रंगार किया।

थक हार कर कभी न बैठा।

न किसी से कोई सबाल किया।

रूखी सुखी खा कर मैने।

जीवन उनका सँवार दिया।

जिनके लिए हर सुख मैने।

जिन्दगी का बार दिया।

😂😂😂😂😂😂😂😂😂😂

आंख की लौ भी अब ‘मदन ‘मद्धिम हुई।

पांव बुढापे में जाने लगे।

निराशों के काले बादल।

आज देखों हैं छाने लगे।

जिनको उगंली पकड मैने, है चलना सिखलाया।

नफरत की सौगात मिली, है दिल भी दुखाया।

रहमत करना मौला मेरे।

मैने तूझ को भी बिसार दिया।

जिनके लिए हर सुख मैने।

जिन्दगी का बार दिया।

वो बनेगे मेरा सहारा।

जिन पर मैने ऐतबार किया।

जिनके लिए हर सुख मैने..

😂🤣😂🤣😂🤣😂🤣😂🤣😂🤣😂

👁️👁️तेरे नैनों से…👁️👁️

तेरे नैनों से,मिले नैना तो।

मुलाकात हो गई।

देखा तूम को जब,बरसे यह तो।

बरसात हो गई।

छलकते रहे जाम लवों को छू कर।

हाय् तौबा यह क्या बात हो गई।

तेरे नैनों से ,मिले नैना तो।

मुलाकात हो गई।

तूम क्या जानो कैसे ,गुजारे थे ये लम्हें हमने।

बहुत दर्दो को सहा था डरे सहमे हमने।

शमा बिरहा की वदन में जलती है रही।

अब तलक अरमान, जज्बातों की माला है पहनी।

कब था दिन और यह कब रात हो गई।

तेरे नैनों से मिले नैना तो।

मुलाकात हो गई।

बहुत मजबूर रहें होगें तूम भी हरदम।

बरणा खींच न लेते,तूम अपने कदम।

तेरी भीगी पलकें मुझ को, बता हैं रहीं।

जुटा भी पा रहे नहीं,तूम भी दमखम।

न वसी् दिल की नगरी जो बरबाद हो गई।।

तेरे नैनों से मिले नैनां तो।

मुलाकात हो गई।

देखा था मदन पहली बार जब तूमको।

बहुत गमसार लगते थे तूम हमको।

लुटा दिया था दिल का करार हमने।

समझ तो पाया नहीं अब तलक तूम को।

करते तो नहीं मगर खता हर बार हो गई।

तेरे नैनों से मिले, नैनां तो।

मुलाकात हो गई।

देखा तूमको जब बरसें यह तो।

बरसात हो गई।

तेरे नैनों से मिले नैना तो।

मुलाकात हो गई।

👁️👁️👁️👁️👁️👁️👁️👁️👁️👁️👁️👁️👁️👁️👁️👁️👁️👁️👁️👁️👁️👁️👁️👁️👁️👁️👁️👁️👁️👁️